Physical Address
Delhi, India
Physical Address
Delhi, India

27 साल के इंतजार के बाद सनी देओल अपनी पलटन के साथ वापस आ गए हैं। इस बार उनके साथ वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ भी हैं। जानिए कैसे 'बॉर्डर 2' में 'De-Aging' तकनीक से सुनील शेट्टी की वापसी हो रही है और 1971 के किन असली वीरों की कहानी इस बार बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी।
“लाहौर तक गूंजेगी आवाज़”: बॉर्डर 2 सिर्फ फिल्म नहीं, 140 करोड़ भारतीयों का इमोशन है मूवी एनालिसिस | 29 दिसंबर 2025 | 14 मिनट की रीड
क्या आपको 1997 का वो सायरन याद है? वो धमक? वो “सन्देसे आते हैं” का बजना और पूरे थिएटर का रोना?
27 साल… जी हाँ, पूरे 27 साल लगे जे.पी. दत्ता (J.P. Dutta) को उस जादू को वापस लाने में। लेकिन अब इंतजार खत्म हो चुका है। 23 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘बॉर्डर 2’ रिलीज होने जा रही है, और टीज़र ने यह साफ कर दिया है कि यह सिर्फ पुरानी यादों का ‘रीमिक्स’ नहीं है।
इस बार जंग सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान और समंदर में भी लड़ी जाएगी। सनी पाजी (Sunny Deol) की दहाड़, वरुण धवन का जोश और दिलजीत दोसांझ का रूहानी अंदाज—यह फिल्म बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार है। आज हम उस हाइप का ‘पोस्टमार्टम’ करेंगे और जानेंगे कि क्यों यह फिल्म ‘गदर 2’ से भी बड़ी साबित हो सकती है।
‘बॉर्डर’ की खासियत थी कि वह असली किरदारों पर आधारित थी। ‘बॉर्डर 2’ भी 1971 युद्ध के उन नायकों को श्रद्धांजलि है जिनके बारे में हम कम जानते हैं।
आपने टीज़र में देखा होगा—सुनील शेट्टी (भैरों सिंह) और अक्षय खन्ना (धर्मवीर) वापस लौट रहे हैं। लेकिन कैसे? भैरों सिंह तो पहली फिल्म में शहीद हो गए थे!
यही वह जगह है जहां निर्देशक अनुराग सिंह ने हॉलीवुड वाली तकनीक अपनाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में “Digital De-Aging” तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह फ्लैशबैक सीन्स होंगे जो 1971 युद्ध की शुरुआत से पहले की कहानी दिखाएंगे।
यह सिर्फ कैमियो नहीं है; यह एक पुल (Bridge) है जो पुरानी और नई पीढ़ी को जोड़ता है। सोचिए, जब थिएटर में 30 साल छोटे सुनील शेट्टी स्क्रीन पर आएंगे, तो पुरानी पीढ़ी की क्या हालत होगी? यह ‘नॉस्टल्जिया’ का मास्टरस्ट्रोक है।
‘बॉर्डर’ की सफलता में 50% हाथ उसके संगीत का था। क्या ‘बॉर्डर 2’ उस विरासत को संभाल पाएगी?
हाल ही में रिलीज़ हुआ गाना “घर कब आओगे” (रीप्राइज़ वर्जन) ने सारे सवालों के जवाब दे दिए हैं। मेकर्स ने सोनू निगम (Sonu Nigam) की वापसी कराई है, लेकिन एक ट्विस्ट के साथ। इस बार उनके साथ अरिजीत सिंह और विशाल मिश्रा भी हैं।
यह गाना पुराने ज़ख्मों पर मरहम जैसा है। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं—“ये सिर्फ गाना नहीं, फौजियों के घर का एंथम है।” जावेद अख्तर के बोल आज भी उतनी ही गहराई रखते हैं, और अनु मलिक का संगीत साबित करता है कि मेलोडी कभी पुरानी नहीं होती।
जे.पी. दत्ता अब निर्माता की कुर्सी पर हैं और निर्देशन की कमान अनुराग सिंह (Anurag Singh) को दी है। क्या यह सही फैसला था?
अनुराग सिंह ने ‘केसरी’ (Kesari) बनाई थी। उन्हें युद्ध की भव्यता (Scale) और भावनाओं (Emotion) को संतुलित करना आता है।
“लाहौर तक”: फिल्म का सबसे चर्चित डायलॉग—जहां सनी देओल सैनिकों से कहते हैं कि “आवाज़ ऐसी होनी चाहिए जो लाहौर तक जाए”—यह अनुराग सिंह का ही विजन है।
वरुण धवन ने एक इंटरव्यू में बताया कि यह डायलॉग स्क्रिप्ट में नहीं था। लेह में शूटिंग के दौरान एक असली आर्मी ट्रेनर ने यह लाइन बोली थी, जिसे सुनकर सनी पाजी और अनुराग ने इसे फिल्म में शामिल कर लिया। यही वह “रियलिज्म” है जो इस फिल्म को खास बनाता है।
2025 बॉलीवुड के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा है। लेकिन 2026 की शुरुआत ‘बॉर्डर 2’ से हो रही है। ट्रेड एनालिस्ट (Trade Analysts) भविष्यवाणी कर रहे हैं कि यह फिल्म पहले दिन ₹60-70 करोड़ की ओपनिंग ले सकती है।
निष्कर्ष: वर्दी का सम्मान
‘बॉर्डर 2’ सिर्फ युद्ध और मारधाड़ की फिल्म नहीं है। यह उन परिवारों की कहानी है जो अपने बेटों को सरहद पर भेजते हैं, यह जानते हुए कि शायद वे तिरंगे में लिपट कर ही वापस आएंगे।
अहान शेट्टी ने सही कहा था, “यह फिल्म नहीं, एक ट्रिब्यूट है।” जब 23 जनवरी को सिनेमाघरों में “हिन्दुस्तान मेरी जान” गूंजेगा, तो यकीन मानिए, हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।
तो क्या आप तैयार हैं सनी पाजी की दहाड़ सुनने के लिए? अपनी टिकटें पहले ही बुक कर लीजिए, क्योंकि हाउसफुल का बोर्ड लगने वाला है!