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4 साल के लंबे इंतजार के बाद रॉकी भाई वापस आ रहे हैं। लेकिन इस बार कहानी KGF की नहीं, बल्कि एक खूनी 'परीकथा' की है। जानिए यश की फिल्म 'Toxic' के बारे में सबकुछ—उसका बजट, स्टार कास्ट और 19 मार्च को 'धुरंधर 2' के साथ होने वाला ऐतिहासिक महा-मुकाबला।
रॉकी भाई की वापसी: ‘Toxic’ सिर्फ फिल्म नहीं, वयस्कों के लिए एक खूनी ‘परीकथा’ है
मूवी प्रिव्यू | 18 जनवरी 2026 | 14 मिनट की रीड
चार साल… पूरे चार साल हो गए हैं जब हमने स्क्रीन पर उस दाढ़ी वाले तूफान को देखा था जिसे दुनिया ‘रॉकी भाई’ कहती है। KGF चैप्टर 2 के बाद, यश (Yash) गायब हो गए थे। न कोई इंटरव्यू, न कोई पब्लिक अपीयरेंस, न कोई जल्दबाजी।
लोग कहते थे कि वो “वन फिल्म वंडर” हैं। लेकिन अब, 19 मार्च 2026 को यश उस चुप्पी को तोड़ने आ रहे हैं—न हथौड़े के साथ, और न ही सोने की खदानों के साथ। इस बार उनके हाथ में मशीन गन है, होंठों पर सिगार है, और टाइटल है—‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups’।
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ सामने खड़ी है, लेकिन यश के फैंस का कहना है कि “शेर जब शिकार पर निकलता है, तो वो ये नहीं देखता कि जंगल में और कितने जानवर हैं।” आज हम इस सिनेमैटिक मॉन्स्टर का डीप-डाइव विश्लेषण करेंगे।
यह इस फिल्म का सबसे दिलचस्प पहलू है। KGF के बाद हर बड़ा कमर्शियल डायरेक्टर यश के साथ काम करना चाहता था। रोहित शेट्टी, शंकर, राजामौली—कतार लंबी थी। लेकिन यश ने किसे चुना? गीतू मोहनदास (Geetu Mohandas) को।
गीतू मोहनदास अपनी डार्क, रियलिस्टिक और आर्ट-हाउस फिल्मों (जैसे Moothon) के लिए जानी जाती हैं। यह वैसा ही है जैसे सलमान खान किसी अनुराग कश्यप की फिल्म में काम करें।
यश जानते हैं कि दर्शक अब सिर्फ “मार-धाड़” से बोर हो चुके हैं। ‘Toxic’ में एक्शन तो होगा, लेकिन उसकी आत्मा एक डार्क थ्रिलर की होगी। इनसाइडर रिपोर्ट्स कहती हैं कि गीतू ने यश को एक ऐसे किरदार में ढाला है जो रॉकी भाई से भी ज्यादा खतरनाक, लेकिन मानसिक रूप से कहीं ज्यादा जटिल (Complex) है। यह फिल्म “मास” और “क्लास” का ऐसा मिश्रण है जो हमने पहले कभी नहीं देखा।
अगर KGF धूल और मिट्टी थी, तो Toxic स्टाइल और नशा है।
फिल्म की कहानी 1950 और 70 के दशक के बीच सेट है। यह ड्रग माफिया की दुनिया है, लेकिन इसे एक “परीकथा” (Fairy Tale) की तरह फिल्माया गया है।
यश का नया अवतार:
लीक हुई तस्वीरों में यश छोटे बालों, बेल-बॉटम पैंट्स और रेट्रो चश्मे में नजर आ रहे हैं। उनका वजन थोड़ा बढ़ा हुआ है, जो एक ऐसे गैंगस्टर का लुक देता है जो अब सड़क पर नहीं लड़ता, बल्कि कुर्सी पर बैठकर सल्तनत चलाता है। यह लुक ‘स्कारफेस’ (Scarface) और ‘गॉडफादर’ की याद दिलाता है।
‘Toxic’ की कास्टिंग ने इंटरनेट पर आग लगा रखी है। यह सिर्फ यश की फिल्म नहीं है; यह भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन अभिनेत्रियों का संगम है।
ट्रेड पंडितों के पसीने छूट रहे हैं। 19 मार्च को रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ और यश की ‘Toxic’ टकरा रही हैं।
उत्तर बनाम दक्षिण? नहीं, यह पैन-इंडिया युद्ध है।
धुरंधर 2 की ताकत: देशभक्ति, स्पाई-थ्रिलर जॉनर और पार्ट 1 की सफलता। उत्तर भारत में इसकी पकड़ मजबूत है।
Toxic की ताकत: यश का क्रेज। KGF 2 ने हिंदी बेल्ट में 500 करोड़ कमाए थे। यश अब एक ‘रीजनल स्टार’ नहीं हैं; वे एक इमोशन हैं। अगर ‘Toxic’ का कंटेंट सॉलिड निकला, तो यह ओपनिंग डे पर ही ‘धुरंधर’ को कुचल सकती है।
केवीएन प्रोडक्शंस (KVN Productions) ने इस फिल्म पर पानी की तरह पैसा बहाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का बजट ₹450 करोड़ के पार जा चुका है।
लंदन और गोवा में बनाए गए विशाल सेट्स, 1960 की विंटेज गाड़ियां और हॉलीवुड स्तर का एक्शन—यह सब स्क्रीन पर दिखता है। यश खुद इस फिल्म के को-प्रोड्यूसर हैं, जिसका मतलब है कि उन्होंने क्रिएटिव कंट्रोल अपने हाथ में रखा है। वे कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।
निष्कर्ष: सिनेमाघर स्टेडियम बनने वाले हैं
‘Toxic’ कोई साधारण फिल्म नहीं है। यह एक जोखिम है—एक आर्टिस्टिक डायरेक्टर और एक मास सुपरस्टार का मिलन। अगर यह प्रयोग सफल हुआ, तो यह गैंगस्टर फिल्मों को देखने का हमारा नजरिया हमेशा के लिए बदल देगा।
19 मार्च की तारीख नोट कर लीजिए। उस दिन बॉक्स ऑफिस पर पैसों की बारिश नहीं, सुनामी आएगी।
रॉकी भाई के फैंस, क्या आप तैयार हैं? कमेंट में अपनी हाजिरी लगाएं! #ToxicTheMovie